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जेवर में उड़ी विकास की उड़ान, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा पहला कमर्शियल विमानजेवर में उड़ी विकास की उड़ान, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा पहला कमर्शियल विमान

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जेवर में उड़ी विकास की उड़ान, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा पहला कमर्शियल विमानजेवर में उड़ी विकास की उड़ान, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा पहला कमर्शियल विमान

विशेष रिपोर्ट: जेवर में उड़ी विकास की उड़ान, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा पहला कमर्शियल विमान

रिपोर्टर: विशेष संवाददाता  |  स्थान: नोएडा, उत्तर प्रदेश  |  दिनांक: 15 जून 2026

उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के बुनियादी ढांचे के विकास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। लंबे समय से प्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पर सोमवार को कमर्शियल उड़ान संचालन आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। लखनऊ से आई पहली इंडिगो फ्लाइट के जेवर की धरती पर उतरने के साथ ही इस ग्रीनफील्ड एविएशन प्रोजेक्ट ने एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है।

पहली उड़ान का ऐतिहासिक स्वागत

सोमवार सुबह जब लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरकर इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट संख्या 6E-2278 ने नोएडा एयरपोर्ट के रनवे को छुआ, तो उसका स्वागत विमानन जगत की पुरानी परंपरा 'वाटर कैनन सैल्यूट' (Water Cannon Salute) के साथ किया गया।

  • आगे का सफर: जेवर में सफलतापूर्वक लैंड करने के बाद, इसी विमान को सुबह 8:35 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना किया गया, जिसके सुबह 11:05 बजे वहां पहुंचने का समय निर्धारित था।

भूमिदाता किसानों को मिला विशेष सम्मान

इस उद्घाटन उड़ान को जो बात सबसे खास बनाती है, वह है इसमें सफर करने वाले यात्री। इस पहली उड़ान में जेवर क्षेत्र के वे 170 किसान (जिनमें 20 महिलाएं शामिल थीं) लखनऊ गए, जिन्होंने इस महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन स्वेच्छा से दी थी।

यह एक बेहद भावुक और प्रतीकात्मक क्षण था। जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर इस पल को साझा करते हुए लिखा कि किसान उसी भूमि पर बने एयरपोर्ट से विमान में सवार हुए, जहां कभी वे खेती किया करते थे। इन किसानों का लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है।

'एरोट्रोपोलिस' बनने की दिशा में कदम

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस ऐतिहासिक अवसर पर स्वयं उपस्थित रहकर यात्रियों से बातचीत की और उन्हें इस पहली यात्रा के स्मृति स्वरूप विशेष बोर्डिंग पास भी बांटे।

"हम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल एक ट्रांजिट या ट्रांसपोर्टेशन हब के रूप में ही नहीं, बल्कि एक 'एरोट्रोपोलिस' (Aerotropolis) के रूप में विकसित होते देखना चाहते हैं। हमारी योजना है कि इस क्षेत्र के आसपास कई उद्योग स्थापित हों और एक ऐसा मजबूत आर्थिक ढांचा तैयार हो, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर अपनी सेवाएं दे सके।"

- के. राममोहन नायडू, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री

क्यों महत्वपूर्ण है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च 2026 को उद्घाटित किया गया यह हवाई अड्डा कई मायनों में भारत के एविएशन सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है:

  • IGI एयरपोर्ट का दबाव होगा कम: इसका प्राथमिक उद्देश्य दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर लगातार बढ़ रहे यात्रियों और एयर ट्रैफिक के भारी दबाव को साझा करना है।
  • उत्तर भारत का नया कार्गो हब: यह एयरपोर्ट केवल यात्री उड़ानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे उत्तर भारत के एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स/कार्गो हब के रूप में विकसित किया गया है।
  • आर्थिक विकास और रोजगार: जेवर और आसपास के इलाकों में इसके शुरू होने से रियल एस्टेट, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

निष्कर्ष:

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों का शुरू होना सिर्फ एक हवाई अड्डे की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे वैश्विक मानचित्र से जोड़ने की दिशा में भारत की एक बड़ी छलांग है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह 'एरोट्रोपोलिस' राज्य की अर्थव्यवस्था को कितनी नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।

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